भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड द्वारा सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति-2026 के गठन का आदेश एवं निर्देश जारी किया गया है। इस बार SMC Gathan 2026 की प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप कुछ बदलावों के साथ संपन्न होगी।
SMC Gathan 2026 का उद्देश्य
शिक्षा केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का साझा कर्तव्य है। जब अभिभावक, शिक्षक और स्थानीय समुदाय मिलकर प्रयास करते हैं, तभी बच्चे बेहतर तरीके से सीख पाते हैं। झारखंड सरकार सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समान शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस लक्ष्य को पूरा करने में विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। SMC स्कूल और समाज के बीच एक मजबूत पुल का काम करती है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, यह समिति स्कूल के संचालन में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाती है। SMC मुख्य रूप से बच्चों का स्कूल में नामांकन कराने, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पढ़ाई के स्तर को सुधारने, स्कूल के विकास की योजना बनाने और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने में मदद करती है।
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SMC सदस्यों की चयन प्रक्रिया क्या है?
SMC Gathan 2026 में इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पूर्व में समिति में माता-पिता या अभिभावक, बाल संसद सदस्य, एक स्थानीय जनप्रतिनिधि और सदस्य सचिव के अलावा एक शिक्षक सदस्य के रूप में होते थे, जिनका चयन बैठक में ही किया जाता था। इस बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप चयन की प्रक्रिया निम्नलिखित प्रकार से होगी-
- ↪ 75% अभिभावक सदस्य:- स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के कुल सदस्यों में से 75 प्रतिशत सदस्य स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता या अभिभावक होंगे। यदि कोई व्यक्ति बच्चे का कानूनी संरक्षक (Guardian) बनकर सदस्य बनता है, तो उसे इससे जुड़ा कानूनी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
- ↪ शेष 25% सदस्य:- बाकी बचे 25 प्रतिशत सदस्यों का चुनाव नीचे दिए गए तीन वर्गों से किया जाएगा:
(क) स्थानीय जनप्रतिनिधि (1/3)- इस हिस्से के सदस्य स्थानीय निकाय (जैसे- वार्ड सदस्य या मुखिया) के चुने हुए प्रतिनिधियों में से होंगे, जिनका चयन खुद स्थानीय प्राधिकरण करेगा।
(ख) स्कूल के शिक्षक (1/3)- इस हिस्से के सदस्य विद्यालय के शिक्षकों में से होंगे, जिन्हें स्कूल के ही शिक्षकों द्वारा चुना जाएगा।
(ग) क्षेत्र के स्वास्थ्य/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (1/3)- बाकी बचे सदस्य स्कूल के आस-पास काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविका , आशा या एएनएम में से होंगे। इन सदस्यों का चुनाव समिति में चुने गए अभिभावक सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

SMC सदस्यों की संरचना क्या होगी ?
SMC समिति के सदस्यों की संख्या बच्चों के नामांकन के आधार पर निर्धारित की गई है।
| नामांकन सीमा | सदस्यों की अनुमानित संख्या |
|---|---|
| अधिकतम 100 विद्यार्थी | 15 सदस्य |
| 101- 500 विद्यार्थी | 20 सदस्य |
| 500 से अधिक विद्यार्थी | 25 सदस्य |
विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल
SMC सदस्यों का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा। समिति अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद भी तब तक जारी रह सकती है जब तक नई समिति का गठन नहीं हो जाता। नई समिति के गठन की प्रक्रिया समिति के कार्यकाल समाप्त होने से पहले आरंभ करना वांछनीय है, ताकि समिति में कोई अंतराल न आए। किसी सदस्य को एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन एक सदस्य लगातार दो कार्यकाल से अधिक कार्य नहीं कर सकता, सिवाय सदस्य-सचिव के।
क्या SMC सदस्य को समय से पहले हटाया जा सकता है?
SMC सदस्य का कार्यकाल निम्न परिस्थितियों में समाप्त किया जा सकता है।
- ↪ यदि अभिभावक /संरक्षक सदस्य के बच्चे ने विद्यालय छोड़ दिया।
- ↪ किसी सदस्य का किसी आपराधिक आरोप या अन्य कारण से दोष सिद्ध / सजा होना।
- ↪ सदस्य का प्रखण्ड / जिले से प्रवासन।
- ↪ सदस्य का आकस्मिक निधन।
- ↪ यदि कोई सदस्य लगातार चार बैठकों में बिना सूचना अनुपस्थित रहता है।
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों की योग्यता क्या होनी चाहिए?
SMC Gathan 2026 में सदस्यों का चुनाव के लिए न्यूनत्तम अहर्ता निर्धारित की गई है जो निम्नलिखित है :-
- ↪ वह साक्षर हो ।
- ↪ नियमानुसार वह पोषक क्षेत्र में स्थायी निवास करता हो ।
- ↪ जिसका पुत्र या पुत्री संबंधित विद्यालय में पढ़ता / पढ़ती हो; छात्र/छात्रा कम से कम 2 वर्ष तक ↪ विद्यालय में अवश्य रहे (विद्यालय के उच्चतम कक्षाओं के माता-पिता/अभिभावक को समिति का सदस्य नहीं बनाया जाए) ।
- ↪ विद्यालय विकास में रूचि रखता हो ।
- ↪ समिति में 50 प्रतिशत महिलाएँ होंगी।
- ↪ अध्यक्ष के चुनाव दुबारा होने पर सकारण सक्षम प्राधिकार को सूचित किया जाए।
- ↪ एक ही परिवार से लगातार दो बार अध्यक्ष नहीं लिये जाएँ ।
- ↪ समिति मे एक ही परिवार के दो सदस्य नहीं होंगे।
- ↪ जिनके विरुद्ध कोई पुलिस केस / विभागीय कार्रवाई लंबित नहीं हो।
- ↪ पिछले कार्यकाल में चयनित सदस्य जो लगातार तीन बैठक में अनुपस्थित रहे हों उनका दुबारा चयन नहीं किया जाए।
सूचना :-
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FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न–
Q1: क्या विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का अध्यक्ष कोई शिक्षक या प्रधानाध्यापक बन सकता है?
उत्तर: नहीं, नियम के अनुसार स्कूल का कोई भी शिक्षक, प्रधानाध्यापक या सरकारी कर्मचारी SMC का अध्यक्ष नहीं बन सकता। SMC Gathan 2026 में अध्यक्ष का पद केवल और केवल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता या अभिभावक के लिए ही आरक्षित है।
Q2. यदि किसी SMC सदस्य का बच्चा स्कूल छोड़ देता है, तो क्या उसकी सदस्यता बनी रहेगी?
उत्तर: नहीं। यदि किसी सदस्य का बच्चा स्कूल से पास आउट हो जाता है, टीसी ले लेता है या किसी कारणवश उसका नाम कट जाता है, तो उस अभिभावक की SMC सदस्यता तुरंत और स्वतः ही समाप्त हो जाती है।
Q3. क्या कार्यकाल पूरा होने से पहले किसी SMC सदस्य या अध्यक्ष को हटाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि कोई सदस्य SMC Gathan 2026 के बाद लगातार 3 बैठकों में बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है, स्कूल के कार्यों में बाधा डालता है या वित्तीय गड़बड़ी में लिप्त पाया जाता है, तो आम सभा की बैठक बुलाकर बहुमत से उसे समय से पहले पद से हटाया जा सकता है।
Q4. क्या SMC सदस्य को वेतन मिलता है ?
उत्तर: नहीं।

