आठवां वेतन आयोग कर्मचारी और पेंशनर्स संघों के साथ देश के विभिन्न राज्यों में बैठकें कर फिटमेंट फ़ैक्टर, इंक्रीमेंट, HRA, बेसिक सैलरी और पेंशन पर चर्चा कर रहा है। कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली और चेन्नई में इस तरह की बैठकें पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं।8th Pay Commission 2026 से जुड़ा ताज़ा अपडेट यह है कि अब तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ आयोग की जो बैठकें हुई हैं, उनमें हुई चर्चा के आधार पर पेंशन और HRA में बढ़ोतरी के साथ-साथ बेसिक सैलरी के फिटमेंट फ़ैक्टर में बदलाव के संकेत मिले हैं।
इन्हीं बैठकों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर नया फ़ॉर्मूला तय किया जाएगा। आइए जानते हैं कि आयोग किस मद में कितनी बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है।
पेंशन बढ़ेगी
8th Pay Commission पर ताज़ा ख़बर यह है कि कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोग पर पेंशन बढ़ाने का भारी दबाव है। वर्तमान पेंशन व्यवस्था के तहत, कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय उनके अंतिम बेसिक पे का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता है। यह नियम कई वर्षों से लागू है, लेकिन बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब इसे बढ़ाकर 67 प्रतिशत करने की मांग की जा रही है। ख़बर है कि इस मांग पर आयोग का रुख सकारात्मक है।
8th Pay Commission 2026 में इंक्रीमेंट में होगा बदलाव
नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम रक्षा कर्मचारी फेडरेशन और राष्ट्रीय डाक संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) 6 प्रतिशत की जाए। ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एंप्लॉयी फेडरेशन ने सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की मांग रखी है। इस संगठन ने 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट 7 प्रतिशत करने को कहा है। महंगाई में तेज़ वृद्धि के कारण आयोग भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर रहा है।
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मकान किराया भत्ता (HRA) बढ़ेगी
8th Pay Commission के फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के संकेत है। इसी तर्ज पर मकान किराया भत्ता (HRA)में बदलाव होगी। कर्मचारियों के लिए ये खबर बहुत सुकून देने वाली है। 7th Pay Commission के अनुसार वर्तमान में HRA को तीन श्रेणी में बांटा गया है – X, Y और Z .
X श्रेणी में महानगर आते है। Y श्रेणी में भारत के मध्यम खर्च वाले शहर आता है। Z श्रेणी छोटे शहर एवं गांवके लिए होता है जहाँ पर 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता (HRA) मिलता है। अब इस तीनों श्रेणी में बदलाव हो सकती है। विभिन्न संगठनों द्वारा X श्रेणी वाले महानगरों में जहाँ 30 प्रतिशत मकान किराया भत्ता दिया जा रहा है उसे बढ़ाकर 40 करने , Y श्रेणी वाले मध्यम शहरों के लिए जहाँ मकान किराया भत्ता 20 प्रतिशत मिलता है उसे बढ़ाकर 30 करने साथ ही छोटे और गांव मिलने वाले 10 प्रतिशत को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की पुरजोर मांग की है।
झारखण्ड के राजधानी रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनवाद शहर Y श्रेणी में आते है। संभावना है की यहां पर पदस्थापित कर्मचारियों के लिए 30 प्रतिशत मकान किराया भत्ता हो सकती है।
वेतन आयोग हर 5 वर्ष में हो
वेतन आयोग की बैठक में कर्मचारियों की ओर से कई प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं। महंगाई भत्ते और फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ जिस एक मुद्दे पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है, वह है MACP यानी ‘मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन। वर्तमान नियम के अनुसार, कर्मचारियों को नौकरी में हर 10 साल पूरे होने पर इसका फायदा दिया जाता है। लेकिन, अब कर्मचारी यह मांग कर रहे हैं कि इस 10 साल की समय-सीमा को घटाकर 5 साल कर दिया जाए। अगर आयोग इस मांग को मान लेता है, तो इससे सभी सरकारी कर्मचारियों को बहुत बड़ा फायदा होगा।
8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर क्या होगा?
आजकल 8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार इस बार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 कर दे। पिछली बार यानी सातवें वेतन आयोग में यह सिर्फ 2.57 था, इसलिए इस बार कर्मचारी बड़े इजाफे की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल, वेतन आयोग ने अपनी तरफ से इस बारे में कोई भी पक्की घोषणा नहीं की है, इसलिए अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।
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