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Circulars

शिशु पंजी 2026 : ऑनलाइन सर्वे और नए नियम से बदलेगी प्रक्रिया

educationjhar
Last updated: 01/01/2026 18:43
educationjhar
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5 Min Read
शिशु पंजी 2025
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शिशु पंजी को बाल पंजी भी कहा जाता है। शिशु पंजी का अद्यतन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें बच्चों से संबंधित पंजीकरण रिकॉर्ड को नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष सही, पूर्ण और अद्यतन किया जाता है। यह प्रक्रिया बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करती है।

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Contents
शिशु पंजी का अद्यतन क्यों ?शिशु पंजी का सर्वे कब करें ?ड्रॉप आउट बच्चा किसे कहा जाए ?अनामांकित बच्चा किसे माना जाये ?जीरो ड्रॉप आउट स्कूल किसे माना जाये ?

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश के 3 से 18 आयुवर्ग के सभी बच्चों का विद्यालय मे नामांकन या अनामांकन या छिजीतों का चिन्हितिकरण हेतु शिशु पंजी 2026 का ऑनलाइन अद्यतीकरण किया जाना है। ऑनलाइन का यह कार्य प्राथमिक, मध्य, उच्च और उच्चत्तर विद्यालयों के सभी सरकारी शिक्षकों , सहायक आचार्यों एवं सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षक ) द्वारा किया जायेगा।

शिशु पंजी 2026 (Shishu Panji 2026) सर्वे को डिजिटल बनाने के लिए शिक्षा विभाग “डहर 2.0” नामक मोबाइल ऐप और वेबसाइट तैयार कर रहा है। इसके ज़रिए ऑनलाइन काम करना आसान होगा। शिशु पंजी 2026 (Shishu Panji 2026) सर्वे को डिजिटल बनाने के लिए शिक्षा विभाग “डहर 2.0” नामक मोबाइल ऐप तैयार किया है। इसके ज़रिए ऑनलाइन काम करना आसान है । इसके लिए शिक्षक उनके पोषक क्षेत्र के गाँव और टोले में टैग है।

यह भी पढ़ें :- बाल संसद का कार्य एवं दायित्व क्या है?

शिशु पंजी

शिशु पंजी का अद्यतन क्यों ?

3 से 18 आयुवर्ग के बच्चों के उत्थान एवं समग्र विकास के लिए प्रति वर्ष बजट का निर्माण किया जाता है। इस कार्य के लिए विद्यालय में नामांकित व अनामांकित बच्चों की संख्या , छीजित बच्चों और दिब्यांग बच्चों का डेटा एकत्र करने के लिए होता है। इसके तहत आउट ऑफ़ स्कूल एवं ड्राप आउट बच्चों का सर्वे करके चिन्हित की जाती है।

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शिशु पंजी का सर्वे कब करें ?

शिशु पंजी का अद्यतन विद्यालय समय से पूर्व या विद्यालय समयावधि या विद्यालय के बाद या अवकाश के समय में सुविधानुसार किया जा सकता है। शिशु पंजी अद्यतन के लिए प्रत्येक परिवार का सर्वेक्षण हर हाल में किया जाना है। प्रधानाध्यापक अलग-अलग शिक्षकों के लिए खाली पीरियड या चेतना सत्र या खेल-कूद अवधि के समय में सर्वे करने हेतु समय निर्धारित करते हुए सर्वे करने हेतु निदेशित कर सकते हैं। किसी गाँव या टोला या घर का सर्वेक्षण किसी भी हाल में दुबारा (overlapping) नहीं किया जाना है।

ड्रॉप आउट बच्चा किसे कहा जाए ?

वह बच्चा जो किसी भी प्रकार के पूर्व से यदि लगातार 30 दिनों से या इससे अधिक समय तक विद्यालय में उपस्थित नहीं रहा है , ड्रॉप आउट बच्चा कहलाएगा।

अनामांकित बच्चा किसे माना जाये ?

वह बच्चा जो अपने जीवन काल में कभी किसी भी प्रकार के विद्यालय में नामांकित नहीं रहा है, अनामांकित (Never Enrolled) बच्चा कहलाएगा।

यह भी पढ़ें :- सरकारी शिक्षक का कार्य और दायित्व क्या है?

जीरो ड्रॉप आउट स्कूल किसे माना जाये ?

विद्यालय खोलने के Norms के आधार पर निर्धारित दूरी के अंतर्गत यदि किसी विद्यालय के पोषक क्षेत्र के सभी बच्चे जो उक्त विद्यालय में संचालित कक्षाओं के लिए निर्धारित आवश्यक आयु के अनुरूप हैं, उक्त विद्यालय या अन्य किसी भी विद्यालय में नामांकित हैं तो, उक्त विद्यालय जीरो ड्रॉप आउट विद्यालय कहलायेगा।
उदाहरणस्वरूप:- यदि कोई विद्यालय प्राथमिक विद्यालय है जहाँ कक्षा पांच तक की कक्षाएँ संचालित होती है तो 1 कि.मी. के परिधि में आने वाले सभी गाँव या टोलों या वार्ड (पोषक क्षेत्र) के सभी 6 से 10 प्लस आयुवर्ग के बच्चे उक्त विद्यालय या किसी भी अन्य विद्यालय में नामांकित होने पर उक्त विद्यालय जीरो ड्रॉप आउट विद्यालय कहलायेगा।

इसी तरह, यदि कोई विद्यालय में एक से दस तक की कक्षाएँ संचालित होती हैं तो उस वि द्यालय के 5 किलोमीटर तक के परिधि में आने वाले गाँव या टोलों (पोषक क्षेत्र) के 6 से 16 प्लस आयुवर्ग के सभी बच्चे उक्त विद्यालय या अन्य किसी भी विद्यालय में नामांकित होने पर वह विद्यालय जीरो ड्रॉप आउट कहलायेगा ।

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