राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कहती है कि बच्चों के लिए सबसे ज़रूरी है कि वे पढ़ना-लिखना और गिनती करना अच्छे से सीखें। इसे ही बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (FLN) कहा जाता है। अगर कक्षा 1 और 2 में बच्चे ये चीज़ें अच्छे से सीख लें, तो वे आगे की कक्षाओं में अच्छा पढ़ पाएंगे और अपनी कक्षा के अनुसार अच्छा परिणाम ला सकेंगे। इसलिए मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण (NIPUN Jharkhand – FLN) कार्यक्रम के तहत झारखण्ड के सभी सरकारी , निजी एवं सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित ) विद्यालयों पर शुरू की कक्षाओं में ही बच्चों को पढ़ना-लिखना और गिनती अच्छी तरह सिखाने पर ज़्यादा जोर दिया गया है ।
झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् की ओर से राज्य में FLN के लिए किए गए कार्य
मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण कार्यक्रम के तहत झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् की ओर से राज्य में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN) के लिए अनेक कार्य किए गए है –
- ➡️ शिक्षकों को FLN की ट्रेनिंग ।
- ➡️ शिक्षकों के लिए गाइडबुक और बच्चों के लिए वर्कबुक ।
- ➡️ कक्षा में रंगीन और सीखने लायक पोस्टर व चार्ट ।
- ➡️ बच्चों के लिए उनकी उम्र के अनुसार कहानियों और किताबों का इंतज़ाम किया गया, ताकि उन्हें पढ़ने में मज़ा आए।
- ➡️ पढ़ने की आदत, गिनती में मज़ा, TLM मेला, Word Power Championship और FLN Championship जैसी प्रतियोगिताएं ।
- ➡️ बच्चों के ज़रिए घरों में दो भाषाओं वाला पैरेंट कैलेंडर भेजा गया, ताकि माता-पिता भी बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकें।
NIPUN Jharkhand (FLN) का उद्देश्य
- ➡️ स्कूलों में पढ़ने-लिखने और गिनती (FLN) के अलग-अलग हिस्सों पर अच्छे से काम करना।
- ➡️ निपुण भारत मिशन के तहत तय किए गए ज़रूरी कौशल (दक्षताओं) के आधार पर स्कूलों का मूल्यांकन करना।
- ➡️ निपुण भारत दस्तावेज़ में कक्षा 1, 2, 3 के लिए जो लक्ष्य दिए गए हैं, उनके अनुसार बच्चों की सीखने की प्रगति देखना।
- ➡️ अच्छे प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और बच्चों को पहचानना और इनाम देना।
- ➡️ पढ़ाई और प्रशासन की योजना बनाने के लिए ज़रूरी आंकड़े जुटाना।
- ➡️ यह जानना कि कौन-कौन सी चीजें बच्चों के सीखने को प्रभावित कर रही है।
मूल्यांकन की प्रक्रिया
कक्षा 3 के बच्चों की जांच कक्षा 2 के स्तर के अनुसार होगी। कक्षा 2 के बच्चों की जांच कक्षा 1 के स्तर के अनुसार होगी। इससे पता चलेगा कि बच्चों ने बुनियादी पढ़ाई और गिनती अच्छी तरह सीखी है या नहीं।
मूल्यांकन की प्रक्रिया दो प्रकार की होगी-
1️⃣”मेरा विद्यालय निपुण” के तहत प्रत्येक विद्यालय का एक निर्धारित मापदंड मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया जायेगा।
2️⃣ “मैं भी निपुण” के तहत प्रत्येक विद्यार्थियों का FLN में किए गए कक्षा उपयुक्त अधिगम प्रतिफल आधारित मापदंड मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें निपुण घोषित किया जाएगा।
1️⃣ मेरा विद्यालय निपुण
हर स्कूल की जाँच 13 बिंदुओं पर होगी। इनमें से 10 बिंदु स्कूल से जुड़े होंगे। 3 बिंदु बच्चों की पढ़ाई के स्तर से जुड़े होंगे। हर संकेतक के 3 स्तर होंगे-
- 🏫 लेवल 0 – सबसे कम
- 🏫 लेवल 1 – ठीक-ठाक
- 🏫 लेवल 2 – सबसे अच्छा
निर्धारित अंक-
- 🏫 स्कूल से जुड़े बिंदुओं के लिए 60% अंक।
- 🚺 बच्चों की पढ़ाई के स्तर के लिए 40% अंक।
किसी भी स्कूल को “निपुण” कहलाने के लिए कुल 75% अंक लाने ज़रूरी हैं।
जो स्कूल “मेरा विद्यालय निपुण” बनेंगे, उनके FLN शिक्षक सीधे District Innovation Challenge (DIC) में शामिल होंगे और उन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा।
अंकों का आधार – अंकों के आधार पर स्कूलों को 3 श्रेणियों में रखा गया है-
- 📈 76% – 80% = मेरा विद्यालय निपुण (कांस्य) 🥉
- 📈 81% – 85% = मेरा विद्यालय निपुण (रजत) 🥈
- 📊 86% या उससे ज्यादा = मेरा विद्यालय निपुण (स्वर्ण) 🥇
2️⃣मैं भी निपुण
NIPUN Jharkhand (FLN) में “मैं भी निपुण” के तहत विद्यालय के बच्चों की जाँच की जाएगी जिसमे –
- 🚹 कक्षा 2 और 3 के बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता (हिंदी और अंग्रेजी) और गिनती करने की क्षमता की जाँच होगी।
- 🚹 हर बच्चे को निपुण कहलाने के लिए हर विषय में कम से कम 75% अंक लाने होंगे।
- 🚹 जो बच्चे निपुण बनेंगे, वे सीधे FLN Championship के लिए स्कूल स्तर पर चुने जाएंगे और उन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा।
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