नौकरी के साथ-साथ बच्चों की देखभाल करना, उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य का ध्यान रखना कभी-कभी बहुत मुश्किल हो जाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए झारखण्ड सरकार ने शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) का एक शानदार नियम बनाया है। इसके तहत कर्मचारियों को पूरे 730 दिनों (यानी 2 साल) की छुट्टी मिल सकती है, वह भी वेतन के साथ । आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके सभी नियम और शर्तें।
शिशु देखभाल अवकाश क्या है ?
झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने 14 मार्च 2024 को एक नया आदेश संकल्प संख्या 732 जारी किया है। इसके तहत झारखंड सेवा संहिता 2000 के नियम 220 के बाद एक नया नियम 220 (A) जोड़ा गया है, जिसे “शिशु देखभाल अवकाश” (Child Care Leave) नाम दिया गया है।
यह एक विशेष छुट्टी है जो मुख्य रूप से महिला कर्मचारियों को अपने बच्चों की देखभाल (जैसे परीक्षा की तैयारी, बीमारी या नवजात की परवरिश) के लिए दी जाती है। हाल ही के नियमों के अनुसार, अब यह सुविधा एकल पुरुष कर्मचारियों (तलाकशुदा, विधुर या अविवाहित) को भी मिलती है। इस नियम के तहत पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिनों तक की छुट्टी ली जा सकती है।

किसे और कैसे मिलता है इसका लाभ ?
यह छुट्टी केवल दो सबसे बड़े बच्चों के लिए ही मान्य है। सामान्य स्थिति में बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। लेकिन, यदि बच्चा दिव्यांग है, तो उसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।
शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान सैलरी कैसे मिलेगी, इसे लेकर पहले नियम स्पष्ट नहीं थे। लेकिन बाद में 14 मार्च 2024 को जारी संकल्प संख्या 732 के जरिए, केंद्र सरकार की तर्ज पर एक नई उप-कंडिका 3(xv) जोड़ी गई, जिससे वेतन का मामला पूरी तरह साफ हो गया है।
इस नए नियम के तहत झारखंड सरकार की महिला कर्मियों के लिए शिशु देखभाल अवकाश का वेतन अब इस प्रकार तय किया गया है:-
- 🔸पहले 365 दिन: 100% (पूरा) वेतन देय होगा।
- 🔸अगले 365 दिन: वेतन का 80% हिस्सा देय होगा।
छुट्टी लेने का शर्त क्या है ?
यह पूरी 730 दिन की छुट्टी एक साथ नहीं ले सकते और न ही एक-दो दिन के लिए ले सकते हैं। एक बार में कम से कम 5 दिन की छुट्टी लेना अनिवार्य है। एक कैलेंडर वर्ष में एक महिला कर्मचारी अधिकतम 3 बार टुकड़ों में यह छुट्टी ले सकती है। वहीं, सिंगल महिला कर्मचारियों को एक साल में अधिकतम 6 बार यह छुट्टी लेने की छूट दी गई है।
क्या शिक्षकों और सभी राज्य कर्मियों को भी यह मिलेगा ?
बिल्कुल। झारखंड के वित्त विभाग ने केंद्र के इन नियमों को अपना लिया है। राज्य की शिक्षिकाएं, प्रशासनिक महिला अधिकारी और अन्य पात्र कर्मचारी अपने नियंत्रण पदाधिकारी के पास आवेदन देकर इस छुट्टी का अधिकार से लाभ उठा सकते हैं। यह छुट्टी आपके सामान्य अर्जित अवकाश (EL) से अलग होती है, इसलिए आपकी जमा छुट्टियां सुरक्षित रहती है।
निष्कर्ष
अगर आपके बच्चे अभी छोटे हैं और उनके बोर्ड एग्जाम्स, बीमारी या किसी विशेष परिस्थिति में उन्हें आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है, तो आप बिना अपनी नौकरी की चिंता किए इस नियम का फायदा उठा सकते हैं। यह सरकार द्वारा दी गई एक बेहतरीन सुविधा है ताकि आप अपने परिवार और काम, दोनों में संतुलन बना सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. शिशु देखभाल अवकाश (CCL) कितने दिनों का होता है ?
उत्तर: सरकारी कर्मचारियों को उनके पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिनों (यानी 2 साल) का शिशु देखभाल अवकाश मिलता है।
Q2. शिशु देखभाल अवकाश किसे मिलता है ?
उत्तर: मुख्य रूप से सभी नियमित सिंगल पुरुष कर्मचारी और महिला सरकारी कर्मचारियों (जैसे शिक्षिकाएं, प्रशासनिक अधिकारी, क्लर्क आदि) को यह छुट्टी मिलती है।
Q3. क्या पुरुषों को शिशु देखभाल अवकाश मिलता है ?
उत्तर: वित्त विभाग, झारखंड सरकार के नए नियमों के तहत अब ऐसे पुरुष कर्मचारी भी इस छुट्टी के हकदार हैं, जो बच्चों के अकेले अभिभावक हैं। इनमें शामिल है- विधुर जिनकी पत्नी का निधन हो गया हो या तलाकशुदा या अविवाहित पुरुष कर्मचारी जिन पर बच्चों की जिम्मेदारी है।
Q4. क्या शिशु देखभाल अवकाश लेने पर सैलरी कटती है ?
उत्तर: नहीं। झारखंड सरकार के नए नियम संकल्प संख्या 732 के अनुसार, पहले 365 दिनों की छुट्टी के लिए 100% (पूरा) वेतन एवं इसके बाद, अगले 365 दिनों के लिए वेतन का 80% देने का प्रावधान किया गया है।
Q5. यह छुट्टी कितने बच्चों के लिए और किस उम्र तक मिलती है ?
उत्तर: यह अवकाश अधिकतम दो सबसे बड़े जीवित बच्चों की देखभाल (जैसे- परीक्षा, बीमारी आदि) के लिए मिलता है। सामान्यत: बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। हालांकि, दिव्यांग बच्चे के मामले में उम्र की कोई सीमा नहीं है।
Q5. क्या यह छुट्टी एक या दो दिन के लिए ली जा सकती है ?
उत्तर: नही। नियमों के अनुसार, एक बार में कम से कम 5 दिनों की छुट्टी लेना अनिवार्य है। एक कैलेंडर वर्ष में महिला कर्मचारी अधिकतम 3 बार टुकड़ों में यह छुट्टी ले सकती हैं। सिंगल महिलाओं के लिए यह सीमा 6 बार तक है।
Q6. क्या यह छुट्टी अर्जित अवकाश से कटती है ?
उत्तर: बिल्कुल नही। शिशु देखभाल अवकाश आपके खाते में जमा अन्य छुट्टियों से पूरी तरह अलग होता है। इसे कर्मचारियों के अवकाश खाते से नहीं काटा जाता है।
नोट: उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद सरकारी सेवकों के मन में उठने वाले सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे और उनकी जिज्ञासा शांत हो गई होगी। यदि अब भी आपके मन में कोई ऐसा प्रश्न या दुविधा है जिसका उत्तर इस ब्लॉग में नहीं मिल पाया है, तो आप हमें कमेंट या मैसेज करके पूछ सकते हैं। ‘झारखंड सेवा संहिता’ की नियमावली के आधार पर आपके सभी सवालों का सटीक उत्तर देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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