सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा TET Exam 2026 कहलाएगी और इसके फरवरी-मार्च महीने में आयोजित होने की संभावना है।
इस परीक्षा में केवल प्रशिक्षित सरकारी शिक्षक ही शामिल होंगे, जिनका शिक्षण अनुभव 25 से 30 वर्षों तक का है। यही कारण है कि यह परीक्षा सामान्य TET से भिन्न एक विशेष TET होगी। शिक्षकों के व्यापक अनुभव को देखते हुए, प्रश्नों का स्तर सामान्य (आसान) रहने की संभावना है।

सरकारी शिक्षकों के लिए TET परीक्षा क्यों जरूरी है ?
सितंबर 2025 मे सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसने TET को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया। सरकारी शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने का मूल कारण यह है कि TET को उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 21A) को पूरा करने के लिए न्यूनतम योग्यता का एक आवश्यक हिस्सा माना गया है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने वाले सभी शिक्षक राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप योग्य और सक्षम हों। यह आदेश उन शिक्षकों पर भी लागू होगा जो TET अनिवार्य होने के कानून (2011) से पहले नियुक्त हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवा में बने रहने या पदोन्नति (Promotion) पाने के लिए TET पास करना अनिवार्य है।
सरकारी शिक्षकों के लिए TET Exam 2026 कब आयोजित होगी ?
सभी राज्यों में सरकारी शिक्षक TET परीक्षा या TET Exam 2026 अलग -अलग माह में होगी। झारखण्ड में यह 2026 के शुरुआती कुछ माह के अंदर मार्च के आसपास होने की संभावना है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में कौन- कौन शामिल हो सकते है ?
जिन सरकारी शिक्षकों की सेवा निवृत्ति (Retirement) में पांच साल से ज्यादा का समय बचा है, उन्हें दो साल के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनकी नौकरी पर संकट आ सकती है, और उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी पड़ सकती है।
“TET Exam 2026 या सरकारी शिक्षक TET परीक्षा” में केवल उन सरकारी शिक्षकों को छूट प्रदान की गई है जिनकी सेवा निवृत्ति में 5 वर्ष से कम समय बचा है, लेकिन वे भी प्रमोशन के योग्य नहीं होंगे जब तक कि वे TET पास नहीं कर लेते।

सरकारी शिक्षकों के लिए TET का सिलेबस कैसा होगा ?
TET Exam का आयोजन JSSC के माध्यम से होता है । सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह परीक्षा सेवारत (in-service) प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए विशेष होगी , इसलिए इसके पाठ्यक्रम में सामान्य TET के विषयों को शामिल किया जा सकता है, लेकिन प्रश्नों के स्तर और प्रकृति में भिन्नता होगी । सरकारी शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आयोजित होने वाली विशेष TET परीक्षा 2026 का आधिकारिक पाठ्यक्रम (Syllabus) परीक्षा की तिथि की घोषणा के साथ ही JSSC द्वारा जारी किए जाने की उम्मीद है।
सरकारी शिक्षकों का TET परीक्षा दो स्तर के होंगे।
- • कक्षा 1 से 5 के लिए प्राथमिक विद्यालय स्तर
- • कक्षा 6 से 8 के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय स्तर
सरकारी शिक्षकों के लिए TET 2026 की परीक्षा हेतु सिलेबस में निम्नलिखित विषयों/टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जाएंगे :-
- • बाल विकास एवं शिक्षण शास्त्र
- • भाषा- I में हिंदी/ अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू
- • भाषा-II में स्थानीय भाषा विषय
- • गणित
- • पर्यावरण अध्ययन
कक्षा 1 से 5 तक के सरकारी शिक्षकों की सिलेबस निम्न रूपेण है-
1. बाल विकास एवं शिक्षण पद्धति :-
इसको दो भाग में बांटा गया है – (i) अवधारणाएँ
- ▪ विकास की अवधारणा एवं अधिगम से उसका संबंध ।
- ▪ बाल विकास के सिद्धांत एवं अवस्थाएं (6-11 वर्ष)
- ▪ बाल केंद्रित शिक्षा
- ▪ सृजनात्मकता
- ▪ वैयक्तिक विभिन्नताएँ
- ▪ सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन
- ▪ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा
(ii) अधिगम एवं शिक्षा शास्त्र :-
- ▪ बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं
- ▪ शिक्षण अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ
- ▪ अभिप्रेरण और सीखना
2. भाषा:-
(i) भाषायी समझ एवं निष्कर्ष –
- ▪ अपठित उद्धरण , गद्यांश और पद्यांश
- ▪ व्याकरण -सज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, लिग, वचन, कारक, काल, पर्यायवाची, मुहावरे, लोकोक्ति, इत्यादि
(ii) शिक्षा शास्त्रीय आयाम:-
- ▪ भाषा शिक्षण के सिद्धांत एवं विधियां
- ▪ भाषा कौशल / समझ
- ▪ सम्प्रेषण कौशल का विकास
- ▪ भाषा शिक्षण में उत्पन्न कठिनाईयों / विसंगतियों का निराकरण
- ▪ शिक्षण उपादान
- ▪ उपचारात्मक शिक्षण
3. गणित-
इस विषय को भी दो भागों में बाँटा गया है –
(i) सामान्य गणित
- ▪ ज्यामिति- आकृतियां एवं उनकी स्थानिक समझ
- ▪ संख्याएं – संख्याएं एवं संक्रियाएँ
- ▪ माप- लंबाई (length), मात्रा (mass), भार (weight), आयतन (volume), समय (time) आदि
- ▪ भिन्न
- ▪ प्रतिशत
- ▪ हानि एवं लाभ
- ▪ समय एवं कार्य
(ii) शिक्षा शास्त्रीय मुद्दे
- ▪ गणित की प्रकृति एवं स्वरूप
- ▪ गणित शिक्षण की विधियां
- ▪ गणित शिक्षण की समस्याएं
- ▪ निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण तथा मूल्यांकन
4. पर्यावरण अध्ययन –
(i) सामान्य पर्यावरण
- ▪ परिवार और पड़ोस
- ▪ भोजन-पौधे और जंतुओं से प्राप्त भोजन, भोजन पकाना, भोजन करना, जंतुओं / पशुओं के आहार
- ▪ आवास आवास ओर उसके प्रकार, गृह सज्जा और सफाई, परिवार और घरेलू जीव जन्तु
- ▪ जल-जल के स्रोत जल-भंडारण हमारा जीवन और जल, जल का अभाव, जल का बहाव, पौधे एवं जन्तु के लिए जल की अवश्यकता
- ▪आवागन एवं सम्प्रेषण
(ii) शिक्षा शास्त्रीय मुद्दे
- ▪ पर्यावरण अध्ययन का स्वरूप
- ▪ पर्यावरण अध्ययन का महत्व
- ▪ पर्यावरण के बारे में शिक्षा
- ▪ गतिविधियाँ / व्यवहारिक कार्य
- ▪ सतत व्यापक मूल्यांकन
- ▪ शिक्षण- उपादान
कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी शिक्षकों की TET एग्जाम सिलेबस निम्न रूपेण है-
1.बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र :
(क) अवधारणाएँ : विकास की अवधारणा एवं अधिगम से उसका संबंध, बाल विकास के सिद्धांत एवं अवस्थाएं (12-18 वर्ष), बाल केंद्रित शिक्षा, सृजनात्मकता, वैयक्तिक विभिन्नताएँ, सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा।
(ख) अधिगम एवं शिक्षा शास्त्रः बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, शिक्षण अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ, अभिप्रेरण और सीखना।
2. भाषा :
(क) भाषायी समझ एवं निष्कर्ष :- अपठित उद्धरण, गद्यांश, पद्यांश और व्याकरण में- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, लिंग, वचन, कारक, काल, पर्यायवाची, मुहावरे, लोकोक्ति, संधि, समास इत्यादि।
(ख) शिक्षा शास्त्रीय आयामः भाषा शिक्षण के सिद्धांत एवं विधियां, भाषा कौशल / समझ, सम्प्रेषण कौशल का विकास, भाषा शिक्षण में उत्पन्न कठिनाईयों / विसंगतियों का निराकरण, शिक्षण उपादान, उपचारात्मक शिक्षण।
3. गणित और विज्ञान :
(क) गणित के विषय वस्तुः सामान्य गणित, बीजगणित (Algebra), अंक गणित, ज्यामिति, क्षेत्रमिति, आकड़ा का प्रयोग, शिक्षा शास्त्रीय मुददे आदि।
(ख) विज्ञानः सामान्य विज्ञान, भोजन के स्त्रोत, भोजन के अवयव, स्वास्थ्य और स्वच्छता, फसलों से अन्न की प्राप्ति, पौधों में पोषण, भोजन का उपयोग, दैनिक उपयोग की सामग्री, विभिन्न प्रकार के पदार्थ, आस पास की वस्तुएं, सजीवों का वास स्थान, पौधों की संरचना और कार्य, जन्तुओं की संरचना और कार्य, सजीवों पर परिवेश का प्रभाव, जीवों में श्वसन, जैव विविधताओं का संरक्षण, बल, घर्षण एवं ध्वनि, चुम्बक, विद्युत उपकरण, विद्युत धारा, विद्युत परिपथ, प्राकृतिक घटनाएं, प्रबंधन, वन उत्पाद, वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण आदि।
4. समाजिक विज्ञान :
इतिहास, भूगोल, सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन, अर्थशास्त्र और शिक्षा शास्त्रीय मुद्दे आदि।
सरकारी शिक्षक TET exam के परीक्षा का पैटर्न कैसा रहेगा ?
परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों की होगी। एक प्रश्नों के कुल चार उत्तर होंगे। उसमे सही उत्तर का चुनाव करने होंगे।
सरकारी शिक्षक TET परीक्षा कितने अंकों की होगी ?
यह परीक्षा एक ही चरण में आयोजित होगी, जिसमें कुल 150 अंकों के प्रश्न पूछे जाएँगे। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकृति के होंगे। दोनों श्रेणियों, अर्थात कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) और कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) की परीक्षाओं के लिए निर्धारित समय 2 घंटा 30 मिनट का होगा।
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