झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के बीच इन दिनों Teacher Needs Assessment (TNA) को लेकर काफी चर्चा है। परीक्षा के बाद से ही शिक्षकों के मन में एक ही सवाल कौंध रहा है कि यदि इस असेसमेंट में उनके नंबर कम हैं, तो क्या उन्हें ‘फेल’ घोषित कर दिया गया ? क्या इसका असर उनकी नौकरी या भविष्य के प्रमोशन पर पड़ेगा? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि TNA का असल उद्देश्य क्या है और कम मार्क्स आने पर विभाग की क्या योजना है।
सरकारी शिक्षक क्यों हैं परेशान?
शिक्षकों को डर है कि कम मार्क्स आने पर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और छात्रों के बीच उनकी छवि प्रभावित हो सकती है। कुछ शिक्षकों को यह भी संदेह है कि कम प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का तबादला दूर-दराज के क्षेत्रों में किया जा सकता है। शिक्षकों का एक वर्ग यह भी मानता है कि भविष्य में इसे सेवा शर्तों (Service Rules) से जोड़ा जा सकता है।
Teacher Needs Assessment (TNA) क्या है ?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि TNA कोई पारंपरिक ‘पास-फेल’ वाली परीक्षा नहीं है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह ‘आवश्यकता का आकलन’ करने की एक प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि शिक्षकों को किन विषयों या शिक्षण पद्धतियों में और अधिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
कम मार्क्स आने पर क्या ‘फेल’ हो जाएंगे शिक्षक?
प्रारंभिक सरकारी शिक्षकों के बीच फैली इस चिंता को दूर करते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसमें फेल होने जैसा कोई प्रावधान ही नहीं है। कम अंक आने पर किसी भी शिक्षक की वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाएगी और न ही उनकी सेवा पुस्तिका पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जिन शिक्षकों के मार्क्स कम आएंगे, उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से लक्षित प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपनी कमजोरियों को दूर कर सकें। इसका उद्देश्य शिक्षकों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी शैक्षणिक दक्षता को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। इसलिए कम मार्क्स पर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
विभाग का मानना है की , शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों का समय-समय पर स्व-आकलन और विभाग द्वारा मूल्यांकन जरूरी है। TNA से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग आने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए ‘ट्रेनिंग कैलेंडर’ तैयार करने में किया जाएगा।
Teacher Needs Assessment (TNA) की प्रमुख बातें
- 🔹TNA एक क्षमता आकलन परीक्षा है, योग्यता परीक्षा नहीं।
- 🔹कम अंक आने पर नौकरी को कोई खतरा नहीं है।
- 🔹परिणामों के आधार पर शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
- 🔹शिक्षकों की गोपनीयता और गरिमा का सम्मान प्राथमिकता है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, Teacher Needs Assessment (TNA) शिक्षकों को सशक्त बनाने का एक टूल है, न कि उन्हें डराने का। यदि आपके मार्क्स कम आते हैं, तो यह केवल इस बात का संकेत है कि आपको संबंधित विषय में थोड़े और मार्गदर्शन की जरूरत है।
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