छुट्टी किसको पसंद नहीं है? छुट्टी का इंतज़ार सभी शिक्षकों को होता है। लेकिन, शिक्षक अवकाश नियम (Teacher Leave Rules) में कुछ छुट्टियाँ ऐसी होती हैं, जो सबको सबसे ज़्यादा भाती हैं, क्योंकि ये दोहरी नहीं, तिहरी ख़ुशी एक साथ प्रदान करती हैं। आप सोच रहे होंगे कि ऐसी तो कोई छुट्टी नहीं होती है। यह छुट्टी सिर्फ़ सरकारी शिक्षकों को ही नहीं, अपितु राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को प्रदान की जाती है।

अवकाश का क्या अर्थ होता है ?
शिक्षक अवकाश नियम (Teacher Leave Rules) में हम अक्सर ‘अवकाश’ शब्द का प्रयोग करते हैं। चाहे आवेदन लिखना हो या उन्हें ऑनलाइन सबमिट करना, इस शब्द से पाला पड़ता ही है। बहुत ही सरलता से हम यह भी बोलते हैं कि फलां अवकाश का उपभोग करेंगे। लेकिन, जानने की कोशिश नहीं करते कि अवकाश का तात्पर्य क्या होता है।
इसको सरल भाषा में इस प्रकार समझा जा सकता है: –
- ☑ अवकाश का सरल अर्थ कि वह विद्यालय में उपस्थित नहीं होगा।
- ☑ कर्तव्य या विद्यालय से अस्थायी रूप से दूर रहने की आधिकारिक स्वीकृति।
यदि सरकार या अदालत (जैसे राँची उच्च न्यायालय) किसी दिन को अवकाश घोषित कर दे, तो वह दिन छुट्टी का दिन माना जाता है। इसके अतिरिक्त, एक पुराने और विशेष कानून ‘निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स ऐक्ट, 1881’ के तहत भी इस प्रकार के अवकाश पहले से तय होते हैं।
जब सरकारी राजपत्र (गज़ट) में सूचना प्रकाशित होती है, या जिला में नियुक्त नियंत्रक पदाधिकारी/नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा कार्यालय या विद्यालय बंद करने का आदेश दिया जाता है, तो घोषित अवधि अवकाश की होती है।
वर्तमान में, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा राज्य के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) विद्यालयों के लिए वार्षिक अवकाश सूची जारी की जाती है। जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को जिले के उपायुक्त के आदेश से, स्थानीय पर्व-त्योहारों के आधार पर, इस प्रकाशित सूची में फेरबदल करने का अधिकार होता है।

मातृत्व अवकाश का क्या नियम है ?
शिक्षक अवकाश नियमों के अनुसार, शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित मुख्य शर्तें और प्रावधान लागू होते हैं:-
- ☑ जीवित संतानों की संख्या:– यह अवकाश सामान्यतः ऐसी शिक्षिका को दो से अधिक जीवित संतान न होने की स्थिति में ही स्वीकृत किया जाता है।
- ☑ अवकाश की अवधि:– यह छुट्टी शिक्षिका की समस्त सेवा अवधि के दौरान दो बार ही स्वीकृत होती है।
मातृत्व अवकाश एक विशेष प्रकार का अवकाश है जिसमें छुट्टी के दौरान वेतन भुगतान के संबंध में यह प्रावधान है –
- ☑ छुट्टी अवधि का वेतन: मातृत्व अवकाश के दौरान शिक्षिका को छुट्टी की अवधि का वेतन मिलता रहता है।
- ☑ अवकाश की प्रकृति: अन्य लंबी अवधि के अवकाशों (जैसे असाधारण अवकाश) के विपरीत, मातृत्व अवकाश तत्काल स्वीकृत किया जाता है और इसमें प्रायः वेतन के लिए छुट्टी से लौटने के बाद अलग से लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है। वेतन का भुगतान छुट्टी की अवधि के दौरान जारी रहता है, बशर्ते आवेदन नियमानुसार हो।
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, झारखंड रांची के पत्रांक 312 दिनांक 25-04-2025 द्वारा इस आशय का निर्देश जारी किया गया है की महिला शिक्षिकाओं के मातृत्व अवकाश में प्रस्थान करने पर उनका वेतन स्थगित किया जाना सरकारी नियमों के विरूद्ध है। इस अवधि में अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर महिला कर्मी को पूरा वेतन देने का नियम है , जैसे वह सामान्य रूप से काम पर होती है।
यह ऐसा अवकाश है जिसमें शिक्षिकाओं को तिहरी खुशी मिलती है।
- ✔️ पहली, वे मां बनती हैं;
- ✔️ दूसरी, मां बनने के लिए छुट्टी मिलती है;
- ✔️ तीसरी, छुट्टी पर रहते हुए भी नियमित वेतन बिना किसी स्वीकृति के मिलता रहता है।
मातृत्व अवकाश में शिक्षिका को छुट्टी पर रहते हुए वेतन मिलता रहता है और यह प्रावधान इसे अन्य लंबी अवधि के अवकाशों से अलग करता है, जहाँ वेतन भुगतान अक्सर छुट्टी से लौटने और अवकाश की अंतिम स्वीकृति के बाद किया जाता है।
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