सरकार ने कर्मचारियों के अंतिम कार्य दिवस से संबंधित पेंशन नियम को स्पष्ट कर दिया है। नया पेंशन नियम (New pension rules ) कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनधारकों की लंबे समय से चली आ रही दुविधा को समाप्त करता है।
पहले नियमावली स्पष्ट न होने के कारण यह भ्रम बना रहता था कि यदि किसी कर्मचारी का स्वर्गवास कार्यालय समय शुरू होने से पहले हो जाए, तो क्या उस दिन को कार्य दिवस माना जाएगा या नहीं। इसी प्रकार, यदि कोई कर्मचारी सुबह जागते ही इस्तीफा दे दे, तो उस दिन को कार्य दिवस माना जाएगा या नहीं , इस पर भी असमंजस था।
नया पेंशन नियम क्या है ? ( New pension rules )
हाल ही में सरकार ने पेंशन से जुड़े नियमों को लेकर एक नई स्पष्टता दी है। नया पेंशन नियम (New pension rules ) के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने बताया है कि किसी कर्मचारी की पेंशन या पारिवारिक पेंशन की गणना उस दिन के आधार पर होगी, जब उसकी सेवा समाप्त होती है। चाहे कर्मचारी सेवानिवृत्त हुआ हो, नौकरी से त्यागपत्र दिया हो या सेवा के दौरान उसका निधन हुआ हो-हर स्थिति में पेंशन का निर्धारण उसी अंतिम कार्य दिवस को मानकर किया जाएगा। इससे पेंशन से जुड़ी गणना को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं रहेगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि पेंशन के मामले में ‘कट-ऑफ’ डेट वही होगी, जो ऑफिस में आपका आखिरी दिन होगा।
इसे ऐसे समझें :-
- 🔹सरकार ने यह साफ कर दिया है कि पेंशन पुराने नियमों से मिलेगी या नए नियमों से, इसका फैसला उस दिन के हिसाब से होगा जिस दिन आपकी नौकरी खत्म हुई।
- 🔹जिस तारीख को कोई कर्मचारी रिटायर होता है या किसी कारणवश उसकी सेवा समाप्त होती है, उस दिन जो सरकारी नियम लागू होंगे, वही उसकी पेंशन की रकम तय करेंगे। बाद में नियमों में होने वाले बदलावों का असर पिछली तारीख से हुई गणना पर नहीं पड़ेगा।
- 🔹अगर आज आपकी नौकरी का आखिरी दिन है, तो आज की तारीख में जो पेंशन पॉलिसी और कैलकुलेशन का तरीका चल रहा है, उसी के हिसाब से आपको पैसे मिलेंगे।
पेंशन की आख़िरी तिथि कब होगी?
DoPPW ने पेंशन नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। Central Civil Services (Pension) Rules, 2021 के नियम-5 के अनुसार किसी सरकारी कर्मचारी की पेंशन उसी नियम के आधार पर तय की जाएगी, जो उसके सेवा समाप्त होने के समय प्रभाव में होता है।
चाहे कर्मचारी सेवानिवृत्त हुआ हो, सेवा से मुक्त किया गया हो, उसने स्वयं त्यागपत्र दिया हो या फिर सेवा अवधि के दौरान उसका निधन हुआ हो, हर स्थिति में उसी तारीख को मान्य माना जाएगा।
अगर कर्मचारी रिटायरमेंट या मृत्यु से पहले अवकाश पर था, बिना अनुमति के अनुपस्थित रहा या निलंबन की स्थिति में था, तब भी उस अवधि के भीतर आने वाली रिटायरमेंट या मृत्यु की तारीख को ही उसका अंतिम कार्य दिवस माना जाएगा। इसी तारीख को आधार बनाकर पेंशन या पारिवारिक पेंशन की गणना की जाएगी।
पेंशन नियम में क्या बदलाव हुआ ?
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी एक पुरानी असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया है। नए स्पष्टीकरण के अनुसार, कर्मचारी की सेवा समाप्त होने की तिथि, चाहे वह सेवानिवृत्ति हो, त्यागपत्र हो या सेवा के दौरान निधन-उसकी कुल सेवा अवधि में शामिल मानी जाएगी।
अर्थात जिस दिन कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उस दिन को भी पूर्ण कार्य दिवस के रूप में स्वीकार किया जाएगा। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 के तहत अब पेंशन या पारिवारिक पेंशन का निर्धारण इसी आधार पर किया जाएगा।
इसका अर्थ यह है कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या त्यागपत्र यदि किसी भी समय-भोर, सुबह, देर रात या कार्यालय समय के बाहर होता है, तो वही तारीख उसकी अंतिम सेवा तिथि मानी जाएगी।
सूचना :-
शिक्षा विभाग की सभी खबरें, नियम, आदेश-निर्देश और पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए www.educationjhar.com पर जाएं। पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट के शीर्ष पर दिए गए “Letter” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने विभिन्न पत्रों की सूची आ जाएगी। जिस पत्र को देखना हो, उस पर क्लिक करें। डाउनलोड करने के लिए दाहिनी ओर दिए गए “Link” पर क्लिक करें। इसी प्रकार आवश्यकता अनुसार अन्य पत्र और ब्लॉग पर उपलब्ध शिक्षा विभाग के सभी आदेश-निर्देश भी पढ़ सकते हैं। किसी विशेष पत्र को तुरंत प्राप्त करने के लिए, सर्च बॉक्स में विषय लिखकर Search करें।

