अगर आप झारखण्ड राज्य के सरकारी कर्मचारी हैं, तो अब आपको बुढ़ापे की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। आपकी सेवानिवृत्ति के बाद भी आपका भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ रहे, इसके लिए झारखंड सरकार ने झारखण्ड पेंशन नियमावली 2025 (Jharkhand Pension Rules) के तहत लाभ प्रदान किए हैं।
झारखंड में पेंशन के नियम क्या हैं?
झारखण्ड सेवा संहिता के नियम के अनुसार सरकारी सेवक की सेवा -निवृत्ति तारीख वह है जिस तारीख को उसकी उम्र 60 वर्ष की हो जाती है।

पेंशन पाने की शर्तें
झारखंड पेंशन नियमावली के अनुसार, पेंशन पाने के लिए भविष्य में अच्छा व्यवहार बनाए रखना एक ज़रूरी शर्त है। अगर कोई पेंशनर किसी गंभीर अपराध या घोर कदाचार (बहुत ख़राब व्यवहार) का दोषी पाया जाता है, तो राज्य सरकार को उसकी पूरी पेंशन या उसका कुछ हिस्सा रोकने या वापस लेने का अधिकार है। इस मामले में, राज्य सरकार का निर्णय ही अंतिम और मान्य होगा।
झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 58 के अनुसार, किसी सरकारी कर्मचारी की नौकरी को पेंशन के लिए योग्य माने जाने हेतु उसे तीन शर्तें पूरी करनी होंगी।
पेंशन के लिए आवश्यक शर्तें निम्न प्रकार से है –
- 1️⃣ सरकारी नौकरी- कर्मचारी की नौकरी सरकारी होनी चाहिए।
- 2️⃣ नियमित और स्थायी पद- कर्मचारी का पद स्थायी होना चाहिए, न कि अस्थायी या संविदा (contractual) पर।
- 3️⃣ सरकार द्वारा वेतन – कर्मचारी को वेतन सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए।
इन शर्तों को पूरा करने पर ही सरकारी सेवक पेंशन पाने का अधिकारी होता है।
जिन सरकारी सेवकों को कदाचार, दिवाला, या अदक्षता के कारण बर्खास्त कर या हटा दिया गया हो, उन्हें पेंशन नहीं दी जा सकती है।

झारखण्ड पेंशन नियमावली 2025 के तहत नया लाभ क्या है ?
वित्त विभाग, झारखण्ड सरकार ने अगस्त 2025 में संकल्प जारी किया है कि 30 जून या 31 दिसंबर को वेतन वृद्धि हेतु एक साल की अहर्क सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होनेवाले झारखण्ड राज्य के सरकारी शिक्षक/कर्मचारी को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्त लाभों की गणना में एक काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) दी जाएगी। इस काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ पेंशन के साथ सभी प्रकार के पावनाओं में जोड़कर भुगतान किया जायेगा।
झारखण्ड पेंशन नियमावली 2025 (Jharkhand Pension Rules) के तहत वित्त विभाग संकल्प संख्या 1930 दिनांक 07-08-2025 के अनुसार कोई शिक्षक/कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो रहा है। अगर उसे सेवानिवृत्त से 6 महीने से भी ज़्यादा समय पहले प्रमोशन या ज़्यादा वेतन मिलती है, तो राज्य सरकार उसे रिटायरमेंट के दिन एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ देगी। यह अतिरिक्त वेतन वृद्धि सिर्फ पेंशन और सेवानिवृत्त के समय मिलने वाले फायदों के लिए गिनी जाएगी।
फैमिली पेंशन के नियम क्या हैं ?
झारखण्ड पेंशन नियमावली 2025 (Jharkhand Pension Rules) के नियम 186(1) के अनुसार, किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन उनकी मृत्यु के अगले ही दिन या सरकार द्वारा तय की गई किसी और तारीख से शुरू होती है। इस पेंशन को पाने के लिए परिवार के जो लोग पात्र हो सकते हैं, वे हैं –
- 🧑🧑🧒🧒 मृत सरकारी सेवक के विधवा/ विधुर
- 🧑🧑🧒🧒 पुत्र / पुत्री (विधवा बेटी सहित ) अपनी विवाह अथवा पुनर्विवाह तक अथवा कामना शुरू करने तक अथवा 25 वर्ष की उम्र तक जो सबसे पहले हो पारिवारिक पेंशन के हक़दार होंगे।
- 🧑🧑🧒🧒 माता पिता जब सरकारी सेवक के जीवन काल में पूर्णतः आश्रित हो बशर्तें की मृत सरकारी सेवक अपने पीछे एक विधवा और एक बच्चा नहीं छोड़ा हो। आश्रित माता-पिता, अविवाहित/ तलाकशुदा/ विधवा/ पुत्री को दिया जाने वाला पेंशन उनके मृत्यु की तिथि तक जारी रहेगी। अविवाहित/ विधवा / तलाकशुदा / पुत्री जो उक्त कोटि-1 के तहत नहीं आती है विवाह/ पुनर्विवाह की तिथि तक अथवा उस तिथि तक जबसे वे कमाना शुरू करे अथवा मृत्यु की तिथि तक जो सबसे पहले हो।

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