By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
  • Home
  • Letter
  • Rules & Orders
    • Stories
  • Career
  • Circulars
    • Exam & Results
    • Contact
      • About Us
      • Disclaimer
      • Terms and Conditions
      • Privacy & Policy
Search
  • Advertise
  • Advertise
Reading: एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं? जानिए पूरा नियम।
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
  • Home
  • Letter
  • Rules & Orders
  • Career
  • Circulars
Search
  • Home
  • Letter
  • Rules & Orders
    • Stories
  • Career
  • Circulars
    • Exam & Results
    • Contact
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
> Blog > Government servant > एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं? जानिए पूरा नियम।
Government servant

एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं? जानिए पूरा नियम।

educationjhar
Last updated: 31/12/2025 13:12
educationjhar
Share
9 Min Read
एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं
SHARE

अक्सर सरकारी कर्मचारी इस असमंजस में रहते हैं कि एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं? । साथ ही यह सवाल भी रहता है कि आकस्मिक अवकाश के बीच पड़ने वाले सरकारी अवकाश को क्या CL की गणना में शामिल किया जाएगा या नहीं। सेवा संहिता में आकस्मिक अवकाश से जुड़े नियमों के बारे में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यदि आप इन नियमों की पूरी और सही जानकारी चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसे अंत तक अवश्य पढ़ें।

WhatsApp Channel Join Now
Contents
CL का नियम क्या है ?एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं?CL की गणना कैसे की जाती है ?FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नFAQ :CL का नियम क्या है ?FAQ :आकस्मिक अवकाश क्या है ?FAQ :आकस्मिक अवकाश क्या होता है ?FAQ :आकस्मिक अवकाश को क्या कहते है?FAQ :एक बार में कितने CL ले सकते है ?FAQ :एक साथ कितने आकस्मिक अवकाश लिए जा सकते हैं?FAQ :लगातार कितने CL लिए जा सकते हैं?FAQ :CL को हिंदी में क्या कहते हैं?FAQ :CL का फुल फॉर्म क्या है?FAQ :क्या CL पर हमारा अधिकार है ?FAQ :क्या CL ख़ारिज (कैंसिल) किया जा सकता है ?

CL का नियम क्या है ?

झारखण्ड सेवा संहिता के परिशिष्ट-13 के अनुसार राज्य के सभी सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) की सुविधा प्रदान की गई है। इस अवकाश की स्वीकृति संबंधित कार्यालय के प्रधान द्वारा दी जाती है। नियमों के तहत आकस्मिक अवकाश को घोषित सरकारी अवकाश, क्षतिपूरक अवकाश तथा रविवार के अवकाश के साथ लिया जा सकता है।

सेवा संहिता के नियम 152 के अनुसार अवकाश का अधिकार पूर्वक दावा नहीं कर सकते है

एक बार में कितने CL लिए जा सकते हैं?

प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष अर्थात जनवरी से दिसंबर तक में झारखण्ड सचिवालय कर्मियों को छोड़कर बाकी सभी सरकारी सेवकों को 16 आकस्मिक अवकाश ( CL ) दिया जाता है। सेवा संहिता के परिशिष्ट-13 के अनुसार घोषित सरकारी अवकाश, क्षतिपूरक अवकाश तथा रविवार के अवकाश के साथ जोड़कर लगातार अधिकतम 12 दिनों तक CL लिया जा सकता है।

CL की गणना कैसे की जाती है ?

आकस्मिक अवकाश (CL) के बीच पड़ने वाले रविवार और अन्य घोषित छुट्टियों को आकस्मिक अवकाश के दिनों में शामिल नहीं किया जाता है। इसे सरल शब्दों में समझें :- यदि आप 3 मार्च से 9 मार्च तक CL पर हैं और इस अवधि के दौरान 6 एवं 7 मार्च को होली की छुट्टी है, तो ये दोनों दिन CL की गणना में नहीं आएँगे। इस स्थिति में आपका CL केवल 5 दिनों का माना जाएगा। हालांकि कुल अवकाश अवधि 7 दिनों की बनती है, जो निर्धारित अधिकतम सीमा 12 दिनों से कम है, इसलिए यह नियमसम्मत है।

WhatsApp Channel Join Now

झारखण्ड सेवा संहिता के परिशिष्ट-13 के अनुसार कुल लगातार अवकाश अवधि 12 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए। यहाँ यह विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि यदि लगातार अवकाश की अवधि 11 दिनों से अधिक होने की संभावना हो, तो छुट्टी के प्रारंभ और अंत-दोनों में CL नहीं लेनी चाहिए। नियम के अनुसार, आकस्मिक अवकाश के बीच पड़ने वाली छुट्टियाँ भले ही CL के दिनों में नहीं गिनी जाती हों, लेकिन वे कुल लगातार अवकाश अवधि की गणना में शामिल होती हैं।

अतः यदि CL के दौरान अन्य सरकारी छुट्टियाँ जुड़कर कुल अवधि 12 दिनों से अधिक हो जाती है, तो यह नियम के विरुद्ध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में केवल अवकाश की शुरुआत या अंत में ही CL लेना उचित होता है, ताकि CL के बीच कोई अन्य छुट्टी न पड़े और नियमों का उल्लंघन न हो।

यह भी पढ़ें : आकस्मिक अवकाश की शर्तें क्या है?

FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FAQ :CL का नियम क्या है ?

CL का अर्थ आकस्मिक अवकाश होता है। सरकारी सेवकों को अचानक आवश्यक कार्यों के लिए इस अवकाश की आवश्यकता पड़ती है। यह एक सवैतनिक अवकाश है। यदि इसका उपयोग नहीं किया जाए, तो यह प्रत्येक वर्ष दिसंबर के अंत में स्वतः समाप्त हो जाता है।

सेवा संहिता के प्रावधानों के अनुसार, आकस्मिक अवकाश प्रति वर्ष अधिकतम 16 दिनों के लिए देय होता है। एक बार में इसका उपभोग रविवार या अन्य घोषित अवकाशों सहित अधिकतम 12 दिनों तक ही किया जा सकता है। इस अवकाश के लिए न्यूनतम अवधि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

FAQ :आकस्मिक अवकाश क्या है ?

झारखण्ड सेवा संहिता के परिशिष्ट-13 के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश की सुविधा प्रदान की जाती है। यह अवकाश कार्यालय प्रधान / प्रधान शिक्षक / प्रधानाध्यापक द्वारा स्वीकृत किया जाता है। कैलेंडर वर्ष में सामान्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों को 16 दिन तथा झारखण्ड सचिवालय के कर्मियों को 18 दिन का आकस्मिक अवकाश देय होता है।

FAQ :आकस्मिक अवकाश क्या होता है ?

व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से अचानक ऐसी छुट्टी की आवश्यकता पड़ती है, जो वेतन सहित हो और पूर्व से स्वीकृत की जा सके। इसी उद्देश्य से सरकारी सेवकों को प्रत्येक वर्ष 16 दिन का आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाता है। इन 16 आकस्मिक अवकाशों का उपयोग यदि नहीं किया जाता है, तो वर्ष के अंत के साथ ही शेष अवकाश स्वतः समाप्त हो जाते हैं।

FAQ :आकस्मिक अवकाश को क्या कहते है?

आकस्मिक अवकाश को ही संक्षिप्त में CL कहा जाता है। CL का पूरा नाम Casual Leave है।

FAQ :एक बार में कितने CL ले सकते है ?

सेवा संहिता के परिशिष्ट-13 के अनुसार सरकार द्वारा घोषित अवकाश, क्षतिपूरक अवकाश तथा रविवार के अवकाश के साथ जोड़कर लगातार अधिकतम 12 दिनों तक ही CL लिया जा सकता है।

FAQ :एक साथ कितने आकस्मिक अवकाश लिए जा सकते हैं?

रविवारीय अवकाश, क्षतिपूरक अवकाश या अन्य घोषित अवकाश के साथ जोड़कर लगातार 12 दिनों तक आकस्मिक अवकाश लिए जा सकता है।

FAQ :लगातार कितने CL लिए जा सकते हैं?

सभी तरह के सरकारी अवकाश, क्षतिपूरक अवकाश तथा रविवारीय अवकाश के साथ जोड़कर लगातार अधिकतम 12 दिनों तक CL लिए जा सकते है।

FAQ :CL को हिंदी में क्या कहते हैं?

CL को हिंदी में आकस्मिक अवकाश कहा जाता है।

FAQ :CL का फुल फॉर्म क्या है?

CL का फुल फॉर्म Casual Leave है।

FAQ :क्या CL पर हमारा अधिकार है ?

झारखण्ड सेवा संहिता परिशिष्ट 12 (नियम 152 और 153 ) में छुट्टी स्वीकृत या अस्वीकृत करने सम्बन्धी नियमों का उल्लेख है। इसके तहत आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) का अधिकार पूर्वक दावा नहीं किया जा सकता है। छुट्टी इस हद तक नहीं देनी चाहिए कि उससे विद्यालय या विभाग में काम करने वालों की बहुत कमी हो जाय। जब शिक्षक / कर्मचारियों की संख्या, काम को देखते हुए, कम-से-कम हो जाय, तब किसी भी तरह की और छुट्टी नहीं देनी चाहिए।

FAQ :क्या CL ख़ारिज (कैंसिल) किया जा सकता है ?

सेवा संहिता के नियम 152 के अनुसार अवकाश का अधिकार पूर्वक दावा नहीं कर सकते है (परिशिष्ट-13)। नियम के तहत जहाँ दूसरी तरह की छुट्टी उपयुक्त हो, वहां आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) छुट्टी नहीं देनी चाहिए।

सूचना :-
शिक्षा विभाग की सभी खबरें, नियम, आदेश-निर्देश और पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए www.educationjhar.com पर जाएं। पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट के शीर्ष पर दिए गए “
Letter” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने विभिन्न पत्रों की सूची आ जाएगी। जिस पत्र को देखना हो, उस पर क्लिक करें। डाउनलोड करने के लिए दाहिनी ओर दिए गए “Link” पर क्लिक करें। इसी प्रकार आवश्यकता अनुसार अन्य पत्र और ब्लॉग पर उपलब्ध शिक्षा विभाग के सभी आदेश-निर्देश भी पढ़ सकते हैं। किसी विशेष पत्र को तुरंत प्राप्त करने के लिए, सर्च बॉक्स में विषय लिखकर Search करें।


Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article नया पेंशन नियम, 2025 (New pension rules 2025) नया पेंशन नियम : अंतिम वर्किंग डे पर आया बड़ा अपडेट, जानें पूरी गणना का तरीका
Next Article शिशु देखभाल अवकाश का नियम क्या है ? शिशु देखभाल अवकाश का नियम क्या है ?
1 Comment 1 Comment
  • MarvinTob says:
    29/12/2025 at 19:22

    Коли вы собираетесь в поездку и разыскиваете информацию о прямых рейсах и аэропортах, рекомендуется обратить внимание на множество направлений и вариантов перелетов. Допустим, из Москвы можно найти самые дешевые билеты в Европу и остальные регионы, а из Стамбула имеются прямые рейсы в всевозможные страны, включая Европу и Венесуэлу. Если вам важно, куда можно недорого улететь из Минска или Амстердама, рекомендую бы посмотреть последние предложения и маршруты на целевых сайтах аэропорт доминикана .

    Ещё полезно знать о крупных аэропортах таких стран, как Филиппины, Дания, Польша, Южная Африка и ОАЭ, а также о бюджетных авиакомпаниях и точках вылета из городов вроде Еревана, Праги и Берлина. Это поможет не только сэкономить на билетах, но и остановиться на удобные возможности путешествий, включая прямые рейсы из Анталии или Хельсинки. Интересуйтесь про аэропорты и направления заблаговременно, чтобы верно спланировать свой маршрут и исключить ненужных пересадок.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -

Latest News

Govt Schools Pre-SA 2 Test
Govt Schools Pre-SA 2 Test : झारखंड में नई शुरुआत, छात्रों की तैयारी और उपस्थिति दोनों बढ़ी
Exam & Results Primary School 16/02/2026
Supreme Court TET Order
Supreme Court TET Order : किसे मिली राहत और किन शिक्षकों की नौकरी पर खतरा? पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
Government Teacher Circulars 13/02/2026
DA January 2026
DA January 2026 : जनवरी 2026 से बदलेगी सैलरी स्लिप, बढ़ोतरी के आंकड़े जारी
Government servant 08/02/2026
Model School Admission 2026
Model School Admission 2026: कक्षा 6 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
Primary School Exam & Results 30/01/2026
Follow US

Copyright © Education Jharkhand. All Right Reserved. Designed by Nerold IT Service

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?