झारखण्ड सेवा संहिता, 2000 के नया नियम 220 (A) के तहत ” शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave)” को स्वीकृति दी गई है। शिशु देखभाल अवकाश का नियम में महिला सरकारी कर्मियों के लिए समस्त सेवाकाल में दो अवयस्क संतानों की देखभाल हेतु कुल 730 दिनों की “शिशु देखभाल अवकाश” का प्रावधान किया गया है।
एकल सरकारी पुरुष कर्मियों के लिए भी यही नियम लागू है अर्थात एकल पुरुष अभिभावक, जिसमें अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा सम्मिलित है, को भी उपयुक्त सुविधा अनुमान्य है।
शिशु देखभाल अवकाश में कितनी छुट्टी मिलती है ?
शिशु देखभाल अवकाश का नियम 220(ए) के तहत सरकारी महिला शिक्षिका/कर्मचारियों की 18 वर्ष से कम आयु की अवयस्क संतान के लिए, उनकी संपूर्ण सेवा अवधि के दौरान, मात्र दो संतान तक, परीक्षा, बीमारी अथवा पालन-पोषण एवं देखभाल के प्रयोजन से कुल दो वर्ष (अर्थात 730 दिन) का शिशु देखभाल अवकाश लिया जा सकता है।

शिशु देखभाल अवकाश लेने का नियम क्या है?
शिशु देखभाल अवकाश का नियम और शर्तों को पूरा करने पर ही अवकाश में जाया जा सकता है। छुट्टी के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा पूर्वानुमति का होना आवश्यक है एवं उचित मंजूरी के बाद ही छुट्टी में जाया जा सकता है। यह अवकाश सवैतनिक है। शिशु देखभाल अवकाश का अधिकार पूर्वक दावा नहीं किया जा सकता है।
शिशु देखभाल अवकाश की शर्तें क्या है ?
झारखण्ड सेवा संहिता, 2000 में संशोधन किया गया है। नियम 220 के अंतर्गत राज्य सरकार की महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश का प्रावधान है। अब नियम 220 में शिशु देखभाल अवकाश का नियम 220(ए) जोड़ा गया है। नियम 220(ए) के तहत महिला सरकारी सेवकों को शिशु देखभाल अवकाश प्रदान किया गया है। शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के लिए निम्नलिखित शर्तों का प्रावधान किया गया है :-
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश अर्जित अवकाश के समान मानी जाएगी और उसी प्रकार से मंजूर की जायेगी।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश 18 वर्ष से कम आयु के केवल दो जीवित संतानों के लिए अनुमान्य होगी।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश के लिए छुट्टी लेखा, संलग्न विहित प्रपत्र में संधारित किया जाएगा और इसे संबंधित महिला एकल पुरुष सरकारी कर्मी की सेवापुस्त के साथ रखा जायेगा।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश एक कैलेंडर वर्ष के दौरान तीन बार से अधिक मंजूर नहीं की जाएगी, जो प्रत्येक बार 15 दिनों से कम के लिए मंजूर नहीं की जायेगी।
- 🔹 निःशक्त बच्चों के मामलों में उपर्युक्त उम्र संबंधी सीमा लागू नहीं किया जाएगा।
- 🔹 इस छुट्टी के दौरान पड़ने वाले शनिवार, रविवार एवं राजपत्रित छुट्टियाँ भी शिशु देखभाल अवकाश में शामिल की जाएगी।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश के साथ कोई भी अन्य देय छुट्टी मंजूर की जा सकेगी, किंतु शिशु देखभाल अवकाश के क्रम में मांगी गई कोई अन्य अवकाश सरकारी चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र द्वारा समर्थित हो,अनुरोध पर मंजूर की जा सकेगी।
- 🔹 अवयस्क संतान (18 वर्ष से कम आयु वाली महिला कर्मचारियों को, उनकी समस्त सेवा अवधि के दौरान, केवल दो संतान तक, उनकी परीक्षा, बीमारी की दशा में पालन-पोषण या देखभाल के लिए, दो वर्ष (यानि 730 दिन) की शिशु देखभाल अवकाश, छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जा सकेगी।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश साधारणतया परिवीक्षा अवधि के दौरान मंजूर नहीं की जाएगी, सिवाय कतिपय अत्यंत कठिन परिस्थितियों की दशा में, जहाँ छुट्टी मंजूर करने वाले प्राधिकारी का परिवीक्षार्थी की शिशु देखभाल अवकाश की आवश्यकता के बारे में पूर्ण रूप से समाधान हो जाय। इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा कि परिवीक्षा के दौरान इस अवकाश की अवधि न्यूनतम हो। इस अवकाश से परिवीक्षा अवधि विलम्बित होगी।
- 🔹 एकल पुरुष अभिभावक, जिसमें अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा सम्मिलित है, को भी उपयुक्त सुविधा अनुमान्य की जायेगी।
- 🔹 इस अवकाश के दौरान महिला एकल पुरूष कर्मचारी को वह छुट्टी वेतन प्राप्त होगा, जो छुट्टी पर प्रस्थान करने के ठीक पहले प्राप्त कर रही/रहा हो।
- 🔹 शिशु देखभाल अवकाश, छुट्टी लेखे में विकलित नहीं की जायेगी।
- 🔹 संबंधित महिला एकल पुरुष कर्मचारी के छुट्टी लेखे में उपार्जित अवकाश देय होते हुए भी शिशु देखभाल अवकाश मंजूर की जा सकेगी।
शिशु देखभाल अवकाश कितने दिन स्वीकृत किया जा सकता है?
दो वर्ष (यानि 730 दिन) की शिशु देखभाल अवकाश, छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जा सकेगी। एक कैलेंडर वर्ष के दौरान तीन बार से अधिक मंजूर नहीं की जाएगी, जो प्रत्येक बार 15 दिनों से कम के लिए मंजूर नहीं की जायेगी।
सूचना :-
शिक्षा विभाग की सभी खबरें, नियम, आदेश-निर्देश और पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए www.educationjhar.com पर जाएं। पत्र पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट के शीर्ष पर दिए गए “Letter” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने विभिन्न पत्रों की सूची आ जाएगी। जिस पत्र को देखना हो, उस पर क्लिक करें। डाउनलोड करने के लिए दाहिनी ओर दिए गए “Link” पर क्लिक करें। इसी प्रकार आवश्यकता अनुसार अन्य पत्र और ब्लॉग पर उपलब्ध शिक्षा विभाग के सभी आदेश-निर्देश भी पढ़ सकते हैं। किसी विशेष पत्र को तुरंत प्राप्त करने के लिए, सर्च बॉक्स में विषय लिखकर Search करें।

